Us Iran Tension:क्या ये युद्ध की शुरुआत? युद्धपोत की तरफ बढ़ रहे ईरानी ड्रोन को अमेरिकी सेना ने निशाना बनाया – Us Iran Tension America Shoot Down Tehran Drone Approaching Aircraft Carrier
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तेहरान
Published by: नितिन गौतम
Updated Tue, 03 Feb 2026 11:15 PM IST
अमेरिका ने अरब सागर में ईरान के एक ड्रोन को मार गिराया है। अमेरिकी सेना का कहना है कि यह ड्रोन अमेरिकी युद्धपोत की तरफ बढ़ रहा था। इस घटना के बाद दोनों देशों में तनाव और बढ़ सकता है। पहले ही दोनों देशों के बीच तनातनी चल रही है और अब ड्रोन को निशाना बनाने के बाद युद्ध की आहट सुनाई दे रही है।
ईरान के पास पहुंचा अमेरिकी युद्धपोत – फोटो : एक्स/यूएस नेवी
विस्तार
अमेरिका और ईरान के बीच बीते कई दिनों से तनाव चल रहा है। अब यह तनाव और गहराता दिख रहा है। दरअसल अमेरिका ने अरब सागर के इलाके में एक ईरानी ड्रोन को मार गिराया है। जिस तरह से अमेरिका ने ईरान के पास अपने शक्तिशाली युद्धपोत को तैनात किया है और अमेरिका की तरफ से ईरान पर हमले की धमकी दी जा रही है, उसे देखते हुए ईरानी ड्रोन को निशाना बनाए जाने के बाद दोनों देशों के बीच युद्ध छिड़ने की आशंका पैदा हो गई है।
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अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने जारी किया बयान
अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने कहा है कि अमेरिकी नौसेना के एक फाइटर जेट ने अरब सागर में एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन के ओर आ रहे एक ईरानी ड्रोन को मार गिराया।
मंगलवार को एक ईमेल बयान में, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि ड्रोन अस्पष्ट इरादे से एयरक्राफ्ट कैरियर की ओर आक्रामक तरीके से पास आ रहा था और अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में काम कर रही अमेरिकी सेनाओं द्वारा तनाव कम करने के उपायों के बावजूद वह जहाज की ओर उड़ता रहा।’
अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने बताया कि ईरान का शाहेद-139 ड्रोन, अमेरिकी युद्धपोत अब्राहम लिंकन की तरफ बढ़ रहा था। जिसके बाद अमेरिकी नौसेना के लड़ाकू विमान एफ-35 ने उस ड्रोन को निशाना बनाकर गिरा दिया।
अमेरिकी युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन ईरान के दक्षिणी तट से करीब 800 किलोमीटर की दूरी पर तैनात है। बयान में कहा गया है कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ है।
ईरान के साथ जारी तनाव के बाद अमेरिका ने हाल ही में अरब सागर में यूएसएस अब्राहम लिंकन की तैनाती की है। यह एक स्ट्राइक ग्रुप है, जिसमें एक युद्धपोत के अलावा एस्कॉर्ट शिप और विध्वंसक जहाज फ्रैंक ई पीटरसन जूनियर, यूएसएस स्प्रुआंस और यूएसएस माइकल मर्फी भी शामिल हैं। युद्धपोत इतना विशाल है कि इस पर एक बार में 90 लड़ाकू विमान और 3200 जवान तैनात हो सकते हैं।
अमेरिकी सेना ने कहा कि इस घटना से कुछ घंटे पहले ही ईरानी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में एक अमेरिकी झंडे वाले और एक अमेरिकी क्रू वाले मालवाहक जहाज को भी परेशान किया था।
ईरान में हिंसक विरोध प्रदर्शन से बिगड़े हालात
ईरान में बीते दिनों महंगाई और गिरती अर्थव्यवस्था के खिलाफ बड़े पैमाने पर हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए। आरोप है कि इन विरोध प्रदर्शन को ईरान की सरकार ने आक्रामक तरीके से कुचला और इस दौरान हजारों लोग मारे गए। इसे लेकर अमेरिका ने ईरान को चेतावनी दी थी।
ईरान की सरकार विरोध प्रदर्शन को रोकने में कामयाब रही, लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच अभी भी तनाव बना हुआ है।
ईरान की सरकार ने अमेरिका के साथ बातचीत करने की पेशकश की है, लेकिन ये भी कहा है कि अगर उन पर युद्ध थोपा गया तो वे उसके लिए भी तैयार हैं।
ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने भी ईरानी विदेश मंत्री को अमेरिका के साथ बातचीत शुरू करने का आदेश दे दिया है।