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Penalty on Snapdeal : सीसीपीए ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म स्नैपडील पर 5 लाख का जुर्माना लगाया है. प्राधिकरण का कहना है कि ई-कॉमर्स कंपनी बिना बीआईएस प्रमाण पत्र वाले खिलौने अपने प्लेटफॉर्म पर बेच रही है, जो गुणवत्ता नियम, 2020 का उल्लंघन है. इसके साथ ही प्राधिकरण ने अमेजन और फ्लिपकार्ट को नोटिस भी जारी किया है और कहा है कि वे भी अपने प्लेटफॉर्म पर बीआईएस हॉलमार्क वाले खिलौने ही बेचना सुनिश्चित करें.

बिना बीआईएस प्रमाण वाले खिलौने बेचने पर देश में रोक लगाई जा चुकी है.
नई दिल्ली. केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने अनिवार्य भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) प्रमाणन का अनुपालन नहीं करने पर ई-कॉमर्स कंपनियों पर सख्त शिकंजा कस दिया है. सीसीपीए ने खिलौने बेचने के मामले में ई-कॉमर्स मंच स्नैपडील पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. यह कार्रवाई खिलौना (गुणवत्ता नियंत्रण) आदेश, 2020 के उल्लंघन को लेकर की गई है. सीसीपीए की मुख्य आयुक्त निधि खरे ने बताया कि इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए स्नैपडील (ऐस वेक्टर लिमिटेड) के खिलाफ अंतिम आदेश जारी किया गया है.
उन्होंने कहा कि सीसीपीए ने अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी अन्य ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ-साथ स्टैलियन ट्रेडिंग कंपनी और इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार स्टोर जैसे विक्रेताओं को भी नोटिस जारी किए हैं. सीसीपीए ने जुर्माने लगाने के अलावा स्नैपडील को निर्देश दिया है कि वह भविष्य में यह सुनिश्चित करे कि उसके मंच पर कोई भी ऐसा खिलौना सूचीबद्ध या प्रचारित न किया जाए जो बीआईएस मानकों के अनुरूप न हो. प्राधिकरण ने मंच को उपभोक्ताओं की त्वरित शिकायत निवारण सुविधा के लिए संपर्क नंबर, ई-मेल पता और शिकायत अधिकारी का विवरण प्रमुखता से प्रदर्शित करने का भी निर्देश दिया है.
क्या है खिलौने से जुड़ा कानून
खिलौना (गुणवत्ता नियंत्रण) आदेश, 2020 जो कि एक जनवरी 2021 से प्रभावी हुआ था. इसके तहत भारत में बिकने वाले सभी खिलौनों के लिए बीआईएस प्रमाणन अनिवार्य कर दिया गया है. इस फैसले पर स्नैपडील के प्रवक्ता ने कहा कि एक मार्केटप्लेस के रूप में स्नैपडील उपभोक्ताओं के लिए एक सुरक्षित और भरोसेमंद मंच प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है और लागू कानूनों के तहत अनुपालन सुनिश्चित करता है. इसी तरह के मामलों में मध्यस्थों की जवाबदेही से संबंधित मुद्दे विभिन्न उच्च न्यायालयों के निर्णयों के लिए लंबित हैं. प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी उचित समय पर कानूनी विकल्प पर गौर करेगी.
क्यों शिकंजे में आया स्नैपडील
सीसीपीए की जांच में पता चला है कि इन खिलौनों को मंच से हटाने के दावों के बावजूद स्नैपडील पर ये खिलौने बिकते रहे और दिसंबर 2025 तक भी मंच पर नजर आते रहे. मंच ने केवल दो पहचाने गए विक्रेताओं स्टैलियन ट्रेडिंग कंपनी और थ्रिफ्टकार्ट के माध्यम से इन खिलौनों की बिक्री से 41,032 रुपये का शुल्क अर्जित किया. खरे ने कहा कि स्नैपडील ने यह दावा करके अपना बचाव किया है कि वह एक भौतिक शॉपिंग मॉल के समान मार्केटप्लेस ई-कॉमर्स इकाई के रूप में कार्य करती है.
सीसीपीए ने खारिज किया तर्क
सीसीपीए ने यह देखते हुए इस तर्क को खारिज कर दिया कि मंच ‘तूफान सेल’ और ‘डील ऑफ द डे’ जैसी प्रचार बिक्री का प्रबंधन करके, उत्पादों को कम कीमत और बेहतर क्वालिटी का दावा करते हुए बेच रहा है. प्राधिकरण ने पाया कि ‘कैविएट एम्प्टर’ (खरीदार सावधान रहे) से ‘कैविएट वेंडिटर’ (विक्रेता सावधान रहे) में बदलाव से उत्पाद सुरक्षा सुनिश्चित करने का भार विक्रेता और सुविधा प्रदान करने वाले मंच दोनों पर आ जाता है. सीसीपीए ने कहा कि यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी मंच पर है कि सूचीबद्ध प्रत्येक उत्पाद सुरक्षा एवं गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरे जैसे कि खिलौनों के लिए बीआईएस प्रमाणन.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें

