अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने ईरान में नवंबर-दिसंबर से जारी प्रदर्शनों को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने संसद में एक सुनवाई के दौरान बताया कि ईरान में प्रदर्शनों के पीछे अमेरिका का हाथ था। बेसेंट के मुताबिक, वॉशिंगटन ने ‘डॉलर की कमी’ (डॉलर शॉर्टेज) पैदा कर ईरान की मुद्रा- ईरानी रियाल को ऐतिहासिक निम्नतम स्तर पर पहुंचा दिया और लोगों को सड़कों पर आंदोलन के लिए उतरने पर मजबूर कर दिया।
ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर ट्रंप सरकार में वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने ऐसा क्या कहा है, जिससे दुनिया में हलचल मच गई है? यह डॉलर शॉर्टेज क्या होता है? अमेरिका की यह नीति कितनी कारगर रही है? और अब आगे क्या हो सकता है? आइये जानते हैं…

