सुप्रीम कोर्ट ने एयर इंडिया- अहमदाबाद क्रैश मामले में एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) द्वारा की जा रही जांच की रिपोर्ट तीन सप्ताह के भीतर पेश करने का आदेश दिया है। इस दुर्घटना में 12 जून, 2025 को कुल 260 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें 241 यात्री और चालक दल के सदस्य शामिल थे।
कोर्ट की बेंच, जिसकी अध्यक्षता मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने की, ने एएआईबी द्वारा अब तक अपनाए गए प्रक्रियात्मक प्रोटोकॉल की भी रिपोर्ट मांगी है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार जांच की जा रही है। साथ ही कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख और जांच की प्रगति की रिपोर्ट भी मांगी।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि जांच अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं के अनुसार चल रही है और संभावना है कि यह तीन सप्ताह में पूरी हो जाएगी। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि जांच रिपोर्ट को सीलबंद कवर में कोर्ट के समक्ष पेश किया जाएगा, जिसमें अब तक अपनाई गई प्रक्रियाओं का अफिडेविट भी शामिल होगा। यह आदेश सेफ्टी मैटर्स फाउंडेशन द्वारा दायर याचिका पर दिया गया, जिसमें इस दुखद विमान हादसे की कोर्ट-निगरानी में जांच की मांग की गई थी। कोर्ट ने मामले की गंभीरता और जांच में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया।
सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद अब एएआईबी को अपनी जांच प्रक्रिया को गति देने और पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए तीन सप्ताह का समय मिला है। यह रिपोर्ट न केवल मृतकों के परिजनों के लिए बल्कि देश में हवाई सुरक्षा और विमान संचालन मानकों की समीक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

