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Gujarat School Viral Video: पुलिस ने बताया कि छात्र ने टीचर को गाल पर थप्पड़ मारा, उन्हें धक्का दिया और क्लासरूम से भाग गया. पूरी घटना स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई. वीडियो के वायरल होने के बाद 3 फरवरी को एफआईआर दर्ज की गई. आरोपी को बाद में गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जमानत मिल गई. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.

छात्र पर महिला टीचर को थप्पड़ मारने और धमकी देने का आरोप है. (सांकेतिक तस्वीर)
अहमदाबाद. गुजरात के पंचमहल जिले से एक बेहद शर्मनाक और चौंकाने वाली खबर सामने आई है. 12वीं क्लास के एक छात्र ने अपनी महिला टीचर को सरेआम थप्पड़ जड़ दिया, सिर्फ इसलिए क्योंकि उन्होंने उसे एग्जाम में लेट आने पर सवाल किया था. यह घटना गोधरा के शेहरा (Shehra) स्थित एसजे दवे हाई स्कूल (SJ Dave High School) की है. 24 जनवरी को हुई इस बदसलूकी का सीसीटीवी फुटेज (CCTV Footage) अब वायरल हो गया है, जिसने लोगों में भारी गुस्सा भर दिया है. पुलिस ने आरोपी छात्र को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन बाद में उसे कोर्ट से जमानत मिल गई.
‘घर पर कोई नहीं पूछता, तुम कौन हो?’
घटना 24 जनवरी को हुई थी जब 12वीं की दूसरी प्रीलिमिनरी परीक्षा चल रही थी. आरोपी 18 साल का मोहम्मद खान अंसारी परीक्षा के लिए देर से पहुंचा. जब महिला इनविजिलेटर (Invigilator) ने उससे देरी का कारण पूछा, तो वह आगबबूला हो गया. उसने चिल्लाकर कहा, “मुझे घर पर कोई कुछ नहीं पूछता, तुम कौन होती हो सवाल करने वाली?” इसके बाद उसने तपाक से टीचर के गाल पर थप्पड़ रसीद कर दिया, उन्हें धक्का दिया और क्लास से भाग गया.
माफी नहीं, गुंडागर्दी! भीड़ लेकर धमकाने पहुंचा
मामला यहीं शांत नहीं हुआ. छात्र की गुंडई और बढ़ गई. घटना वाले दिन ही छात्र के पिता ने स्कूल के प्रिंसिपल विपुल पाठक और टीचर से माफी मांग ली थी. लेकिन 27 जनवरी को छात्र अपने पिता और 15-20 लोगों की भीड़ के साथ वापस स्कूल पहुंचा. आरोप है कि उसने महिला टीचर को धमकाते हुए कहा कि वह इस शहर में अकेली रहती हैं और उन्हें नुकसान पहुंचाया जा सकता है. हालांकि, आरोपी का दावा है कि वह माफी मांगने गया था, लेकिन पुलिस का कहना है कि उसने धमकी दी थी.
वायरल वीडियो के बाद एक्शन, अब मिली बेल
घटना के बाद पुलिस ने 3 फरवरी को एफआईआर दर्ज की, जब वीडियो वायरल होने पर जनता का आक्रोश फूट पड़ा. पुलिस ने आरोपी मोहम्मद खान अंसारी को गिरफ्तार किया और कोर्ट में पेश किया. शुक्रवार को कोर्ट ने उसे जमानत दे दी. पुलिस इंस्पेक्टर अंकुर चौधरी ने स्पष्ट किया कि आरोपी का कोई ‘जुलूस’ नहीं निकाला गया था, बल्कि अपराध के सीन को रिक्रिएट (Crime Scene Reconstruction) करने के लिए उसे वहां ले जाया गया था ताकि घटना की पूरी सच्चाई सामने आ सके. फिलहाल मामले की जांच जारी है.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें

