Indo-French AI center for health in AIIMS: भारत और फ्रांस ने मिलकर ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज नई दिल्ली में इंडो-फ्रेंच सेंटर फॉर एआई इन हेल्थ की शुरुआत की है. यह कदम स्वास्थ्य क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग को बढ़ावा देने और दोनों देशों के बीच सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी पहल है. इस सेंटर का उद्घाटन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने किया. यहां हेल्थ सेक्टर के ऐसे 3 क्षेत्रों में काम किया जाएगा, जिसे लेकर पूरी दुनिया में न केवल चिंता है बल्कि काफी काम करने की जरूरत भी है.
क्यों खोला गया है यह सेंटर?
यह केंद्र फ्रांस और भारत के विशेषज्ञों को एकजुट कर एआई आधारित रिसर्च, मेडिकल शिक्षा और नई तकनीकों के विकास को बढ़ावा देगा. यहां चिकित्सा, इंजीनियरिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का बेजोड़ संगम देखने को मिलेगा, जिनके द्वारा हेल्थ के क्षेत्र में नई-नई खोज और जटिल सवालों के जवाब ढूंढे जाएंगे.
इन क्षेत्रों में होगा काम
. मस्तिष्क स्वास्थ्य (Brain Health)
. डिजिटल हेल्थ सिस्टम
. एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (दवाओं का कम असर होना)
बता दें कि इसका शुभारंभ RUSH 2026 नाम के एक बड़े एकेडमिक कार्यक्रम के दौरान हुआ. जब इंडो-फ्रेंच फोरम: एआई इन ब्रेन हेल्थ एंड ग्लोबल हेल्थकेयर सत्र आयोजित किया गया था. इस दौरान वैज्ञानिकों, डॉक्टरों और नीति-निर्माताओं ने एआई के जिम्मेदार उपयोग पर चर्चा की थी.
क्या बोले, राष्ट्रपति मैक्रों
इंडो-फ्रेंच सेंटर को लेकर राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि भारत और फ्रांस मिलकर ऐसे एआई सिस्टम बनाना चाहते हैं जो अपने संसाधनों और प्रतिभा पर आधारित हों. उन्होंने यह भी कहा कि एआई का उपयोग मानवता की भलाई के लिए होना चाहिए. बच्चों की सुरक्षा, एआई सिस्टम में पारदर्शिता, पक्षपात और गलत उपयोग से बचाव, भाषा और सांस्कृतिक विविधता की रक्षा के अलावा युवाओं की भागीदारी बेहद जरूरी है.मैंक्रों ने एम्स परिसर का दौरा भी किया.

