Tue. Feb 17th, 2026

कांग्रेस से बड़ा नेता छीन ले गए हिमंत बिस्वा सरमा: ‘हाथ’ छोड़ ‘कमल’ थामेंगे भूपेन बोरा


गुवाहाटी/नई दिल्ली. असम की सियासत में मंगलवार की शाम एक ऐसा स‍ियासी भूकंप आया, जिसने कांग्रेस की नींव हिलाकर रख दी है. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एलान किया कि असम प्रदेश कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा अब बीजेपी में शामिल होने जा रहे हैं. हिमंत बिस्वा सरमा खुद भूपेन बोरा के घर पहुंचे और इस मुलाकात के बाद जो खबरें बाहर आईं, उसने यह साफ कर दिया कि असम में कांग्रेस अब अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही है. मुख्यमंत्री ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि 22 फरवरी को भूपेन बोरा केसरिया चोला पहन लेंगे.

गुवाहाटी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस मेगा जॉइनिंग की पूरी रूपरेखा सामने रख दी. उन्होंने कहा, भूपेन बोरा 22 फरवरी को बीजेपी जॉइन करेंगे. हमारे नेता दिलीप सैकिया इस पूरी प्रक्रिया के डिटेल्स पर काम करेंगे. उनके साथ केवल अकेले भूपेन ही नहीं, बल्कि गुवाहाटी और नॉर्थ लखीमपुर के कई दिग्गज कांग्रेस नेता भी बीजेपी का दामन थामेंगे. हिमंत ने इस जॉइनिंग को ‘घर वापसी’ करार देते हुए कहा कि बीजेपी उन जैसे लोगों की पार्टी है जिनके पिता किसी ऊंचे पदों पर नहीं थे, बल्कि जिन्होंने खुद के दम पर पहचान बनाई है.

कांग्रेस अब मुख्यधारा के असमिया लोगों की पार्टी नहीं रही

मुख्यमंत्री सरमा ने इस मौके पर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि भूपेन बोरा का बीजेपी में आना उस हकीकत को बयां करता है कि कांग्रेस अब मुख्यधारा के असमिया लोगों की पार्टी नहीं रह गई है. हिमंत ने बोरा को कांग्रेस का आखिरी मान्यता प्राप्त हिंदू नेता बताते हुए कहा कि उनके जाने के बाद कांग्रेस में जमीनी स्तर पर काम करने वाले असमिया नेतृत्व का वैक्यूम (खालीपन) पैदा हो जाएगा. उन्होंने यह भी साफ किया कि बीजेपी के राष्ट्रीय नेतृत्व और प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन ने इस जॉइनिंग को हरी झंडी दे दी है और पार्टी में उन्हें पूरा मान-सम्मान और गरिमा दी जाएगी.

राजघराने की ‘पैराशूट लैंडिंग’ बनाम ग्रासरूट कार्यकर्ता

असम सीएम ने कांग्रेस की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि वहां केवल ‘राजघराने’ के लोगों का बोलबाला है. उन्होंने कहा, कांग्रेस में राजघराने के लोग पैराशूट लैंडिंग करके उच्च पद हासिल कर लेते हैं. इसी वजह से जमीनी स्तर पर कड़ी मेहनत करके आगे आए कार्यकर्ताओं का उस पार्टी में कोई भविष्य नहीं बचा है. उनका इशारा साफ था कि जो नेता मेहनत करके आगे बढ़ते हैं, उन्हें कांग्रेस में नजरअंदाज किया जाता है, जबकि परिवारवाद के चलते पदों की बंदरबांट होती है.

भूपेन बोरा की चुप्पी और हिमंत की भविष्यवाणी

दिलचस्प बात यह रही कि जब पत्रकारों ने भूपेन बोरा से पूछा कि क्या मुख्यमंत्री की यह भविष्यवाणी सही साबित होगी, तो बोरा का जवाब काफी चौंकाने वाला था. भूपेन बोरा ने मुस्कुराते हुए कहा, मुख्यमंत्री की बहुत सी भविष्यवाणियां पहले भी सही साबित हुई हैं. उनके इस बयान ने 22 फरवरी की तस्वीर को लगभग शीशे की तरह साफ कर दिया है. असम की राजनीति के जानकारों का मानना है कि भूपेन बोरा का कांग्रेस छोड़ना केवल एक नेता का जाना नहीं है, बल्कि यह असम में कांग्रेस के असमिया कोर-वोट बैंक में बड़ी सेंधमारी है.

असम में ‘क्लीन स्वीप’ की तैयारी में बीजेपी
इस पूरे घटनाक्रम से यह साफ है कि हिमंत बिस्वा सरमा ने अपने पुराने घर यानी कांग्रेस को पूरी तरह से नेतृत्वविहीन करने की कसम खा ली है. भूपेन बोरा जैसे कद्दावर चेहरे का बीजेपी में आना आगामी चुनावों से पहले कांग्रेस के लिए एक डेडली ब्लो साबित हो सकता है. अब सबकी नजरें 22 फरवरी पर टिकी हैं, जब गुवाहाटी और नॉर्थ लखीमपुर में कांग्रेस का एक बड़ा धड़ा बीजेपी में विलय कर जाएगा.

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *