मध्य प्रदेश के खंडवा में पशु चिकित्सा हेल्पलाइन 1962 ने अपनी उपयोगिता साबित की. एक छोटी चूक से जहर का शिकार हुए घोड़े के बच्चे कबीर को इस टोल-फ्री सेवा ने मौत के मुंह से बचा लिया. दरअसल खानशाहवली इलाके के सैयद वसीम रजा ने करीब 5 महीने पहले घोड़े का बच्चा लाकर कबीर नाम दिया.
पशुपालकों के लिए वरदान '1962'

