Sat. Feb 7th, 2026

भारत-अमेरिका अंतरिम ट्रेड डील का फ्रेमवर्क जारी, जानें कौन क्या खरीदेगा और क्या बेचेगा – India and US Unveil Framework for Interim Trade Agreement tariff cuts and Trade Barriers Under Pact ntc dpmx


अमेरिका और भारत ने शुक्रवार को एक अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Trade Agreement) का फ्रेमवर्क जारी किया. इससे दोनों देशों के बीच व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement) को अंतिम रूप देने की दिशा में नई गति मिली है. यह घोषणा विस्तारित बातचीत और हाल के टैरिफ तनाव के बीच आई है, जिससे दोनों पक्षों के बीच आर्थिक रिश्तों में नई गति देखने को मिल रही है.

दोनों देशों ने एक संयुक्त बयान में कहा, ‘संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत इस फ्रेमवर्क को शीघ्र लागू करेंगे और अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में काम करेंगे, ताकि एक पारस्परिक रूप से लाभकारी द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) को जल्द से जल्द पूरा किया जा सके.’ दोनों देशों ने इसे अपनी साझेदारी में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया. इस अंतरिम समझौते से पहले इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की थी कि वॉशिंगटन और नई दिल्ली ने एक समझौता किया है. इसके तहत अमेरिका भारतीय सामानों पर लगने वाले टैरिफ को 50% से घटाकर 18% कर देगा. 

ट्रंप ने दावा किया था कि बदले में भारत रूसी तेल की खरीद रोक देगा और अपने व्यापारिक अवरोधों को कम करेगा. उन्होंने कहा कि भारत अब अमेरिका से तेल खरीदना शुरू करेगा और संभवतः वेनेजुएला से भी. भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा था कि दोनों पक्ष मार्च तक औपचारिक व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने का लक्ष्य रख रहे हैं, जिसके बाद भारत अमेरिका से आयात किए जाने वाले कई उत्पादों पर टैरिफ कम करेगा. ट्रंप ने शुक्रवार को एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत भारत पर रूसी तेल खरीद के कारण लगाया गया 25% का दंडात्मक टैरिफ पूरी तरह हटा दिया गया.

दोनों एकदूसरे से क्या खरीदेंगे और क्या बेचेंगे

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक फ्रेमवर्क के तहत भारत अमेरिका के औद्योगिक और कृषि उत्पादों पर अपने टैरिफ को या तो हटाएगा या कम करेगा, जिसमें मेवे, फल, सोया तेल, शराब एवं अन्य खाद्य उत्पाद शामिल हैं. अमेरिका भी वस्त्र, परिधान, रसायन और मशीनरी जैसी भारतीय वस्तुओं पर 25% की जगह 18% रेसिप्रोकल टैरिफ लगाएगा. इसके अलावा, अमेरिका ने राष्ट्रीय सुरक्षा प्रावधानों के तहत भारतीय एयरक्राफ्ट और एयरक्राफ्ट पार्ट्स पर लगे टैरिफ हटाने पर सहमति जताई है, जबकि भारत को ऑटो पार्ट्स पर प्रायोरिटी टैरिफ-रेट कोटा मिलेगा.

यह भी पढ़ें: क्रिटिकल मिनरल्स पर किसी एक देश का दबदबा नहीं चाहता US, भारत के साथ ट्रेड डील पर अमेरिकी प्रवक्ता का बयान

नॉन-टैरिफ बैरियर्स हटाने पर होगी बातचीत

दोनों पक्ष अब जनरल फार्मास्यूटिकल्स, नॉन-टैरिफ बैरियर्स जैसे मुद्दों पर आगे बातचीत करेंगे. भारत ने कहा कि वह अगले पांच वर्षों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर मूल्य के ऊर्जा उत्पाद, विमान, कीमती धातु, टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट और कोकिंग कोल खरीदने का इरादा रखता है. दोनों पक्ष डेटा सेंटर्स में उपयोग होने वाले कम्पोनेंट सहित टेक्नोलॉजी गुड्स में व्यापार को बढ़ाने पर सहमत हुए हैं. भारत और अमेरिका ने इस प्रारंभिक समझौते को दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को और गहरा करने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत बताया है और कहा है कि इसके पूरा होने के बाद द्विपक्षीय आर्थिक साझेदारी को नई ऊंचाई मिलेगी.

—- समाप्त —-



Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *