India-Malaysia Relation: भारत और मलेशिया ने द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती देते हुए अपने मौजूदा एन्हांस्ड स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप को अपग्रेड कर कम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप में बदल दिया है. यह महत्वपूर्ण फैसला मलेशियाई प्रधानमंत्री की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच हुई उच्चस्तरीय वार्ता के बाद लिया गया था. इस कदम को दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत की रणनीतिक उपस्थिति को मजबूत करने और आर्थिक, रक्षा, तकनीकी तथा सांस्कृतिक सहयोग को नई गति देने वाला माना गया. अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मलेशिया की यात्रा पर हैं, जिससे दोनों देशों के बीच सहयोग और साझा हितों को नई ऊंचाई मिलने की संभावना है. भारत और मलेशिया का रिश्ता हजार साल भी ज्यादा पुराना है, जब चोल राजवंश ने तत्कालीन मलय प्रदेश से संबंध स्थापित किया था. भारत का प्रभाव अभी भी वहां दिखता है. 21वीं सदी में व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग, डिजिटल तकनीक, शिक्षा, पारंपरिक चिकित्सा और जलवायु परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाया गया है.
भारत और मलेशिया के बीच द्विपक्षीय व्यापार रिकॉर्ड 19.5 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है, जो दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच बढ़ती परस्पर निर्भरता को दर्शाता है. फिनटेक, ऊर्जा, डिजिटल प्रौद्योगिकी, स्टार्ट-अप्स और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देने को लेकर भी दोनों देशों में सहयोग है. मलेशिया वर्तमान में भारत में 31वां सबसे बड़ा निवेशक है और अप्रैल 2000 से सितंबर 2023 के बीच भारत में उसका प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) 1.18 अरब डॉलर से अधिक रहा है. करीब 70 मलेशियाई कंपनियां भारत में निर्माण, बुनियादी ढांचे, मानव संसाधन और सेवाओं जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं. इसके साथ ही दोनों पक्षों ने ASEAN-India Trade in Goods Agreement (AITIGA) की समीक्षा प्रक्रिया को तेज करने और इसे अधिक व्यापार अनुकूल बनाने पर सहमति जताई.
मलेशिया कहां स्थित है और इसकी राजधानी क्या है?
मलेशिया दक्षिण-पूर्व एशिया में स्थित है और दो हिस्सों (प्रायद्वीपीय मलेशिया और पूर्वी मलेशिया) में बंटा हुआ है, जिन्हें दक्षिण चीन सागर अलग करता है. इसकी राजधानी कुआलालंपुर है.
मलेशिया की भौगोलिक विशेषताएं क्या हैं?
मलेशिया का सर्वोच्च शिखर माउंट किनाबालु (4,101 मीटर) है. यहां मुख्य पर्वत श्रेणियां मेन रेंज, क्रॉकर, बिंटांग और होस हैं, जबकि राजांग, सुगुट, पाहांग और क्लांग प्रमुख नदियां हैं.
मलेशिया की जैव विविधता क्यों खास मानी जाती है?
मलेशिया दुनिया के 17 मेगाडायवर्स देशों में शामिल है. यहां उष्णकटिबंधीय वर्षावन पाए जाते हैं और मलायन टाइगर, पिग्मी हाथी व बोर्नियन ओरंगुटान जैसी दुर्लभ प्रजातियां रहती हैं.
मलेशिया की राजनीतिक व्यवस्था और इतिहास क्या है?
मलेशिया एक संवैधानिक राजशाही है और इसे 1957 में ब्रिटेन से स्वतंत्रता मिली थी.
मलेशिया के पड़ोसी देश और रणनीतिक महत्व क्या है?
प्रायद्वीपीय मलेशिया की सीमाएं थाईलैंड से स्थल और सिंगापुर, वियतनाम व इंडोनेशिया से समुद्री हैं. पूर्वी मलेशिया की सीमाएं ब्रुनेई व इंडोनेशिया से स्थल तथा फिलीपींस व वियतनाम से समुद्री हैं. मलक्का जलडमरूमध्य भारत महासागर और प्रशांत महासागर के बीच प्रमुख नौवहन मार्ग है.
ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों की गहराई
भारत और मलेशिया के ऐतिहासिक संबंध एक सहस्राब्दी से भी पुराने हैं, जिनकी जड़ें चोल साम्राज्य के दौर तक जाती हैं. 9वीं से 13वीं शताब्दी के बीच चोल शासकों (राजराज चोल प्रथम और राजेंद्र चोल प्रथम) ने दक्षिण भारत और मलय प्रायद्वीप के बीच समुद्री व्यापार मार्गों को सशक्त बनाया, जिससे सांस्कृतिक और आर्थिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिला. आज मलेशिया में लगभग 29 लाख से ज्यादा भारतीय मूल के लोग रहते हैं, जो इसे दुनिया में भारतीय प्रवासियों की दूसरी सबसे बड़ी आबादी वाला देश बनाते हैं. यह समुदाय मुख्यतः तमिल भाषी हैं. हालांकि, तेलुगु, मलयालम, पंजाबी और अन्य भाषाओं के लोग भी शामिल हैं. धार्मिक स्वतंत्रता और सांस्कृतिक गतिविधियों की व्यापक मौजूदगी के चलते भारतीय परंपराएं मलेशिया की सामाजिक संरचना में गहराई से रची-बसी हैं. कुआलालंपुर में स्थापित नेताजी सुभाष चंद्र बोस भारतीय सांस्कृतिक केंद्र (NSCBICC) संगीत, नृत्य, योग और हिंदी जैसी विधाओं में प्रशिक्षण प्रदान करता है. रामायण की कथाएं भी मलेशिया की सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा हैं, जिनका स्थानीय रूपांतरण ‘हिकायत सेरी रामा’ में देखने को मिलता है. श्री वीर हनुमान मंदिर जैसे धार्मिक स्थल साझा सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मलेशिया के दौरे पर हैं, जहां भारतवंशियों ने उनका जोरदार स्वागत किया. (फोटो: PTI)
णनीतिक प्राथमिकताओं के लिए अहम
भारत ऐतिहासिक रूप से ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ को गंभीरता से फॉलो करता है. इसका उद्देश्य दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करना है. भारत की इंडो-पैसिफिक ओशंस इनिशिएटिव (IPOI) के तहत समुद्री सुरक्षा, पारिस्थितिकी यानी इकोलॉजी, संसाधन, आपदा प्रबंधन और व्यापार संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग का खाका तैयार किया गया है. हालांकि, वियतनाम और फिलीपींस ने इस पहल का समर्थन किया है, मलेशिया की भागीदारी से इसकी प्रभावशीलता और बढ़ सकती है. दक्षिण चीन सागर में चीन की बढ़ती गतिविधियों के संदर्भ में मलेशिया के दृष्टिकोण को समझना भारत के लिए क्षेत्रीय रणनीति तैयार करने में सहायक माना जा रहा है. आधुनिक समय में भारत और मलेशिया के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी रिश्तों को नई ऊंचाई देने वाली साबित हो सकती है. यह साझेदारी केवल व्यापार और निवेश तक सीमित नहीं, बल्कि रक्षा, तकनीक, शिक्षा, संस्कृति और वैश्विक मुद्दों पर सहयोग को भी समेटे हुए है.

