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महाराष्ट्र सरकार की मंत्री पंकजा मुंडे को ले जा रहा अगस्ता 109 हेलीकॉप्टर तकनीकी कारणों से एहतियातन ग्राउंड कर दिया गया है. नियमित जांच के दौरान मुख्य रोटर सिस्टम में गड़बड़ी पाए जाने के बाद यह फैसला लिया गया. हेलीकॉप्टर ने सभी तय सेक्टर पूरे कर लिए थे, लेकिन उड़ान के बाद तकनीकी जांच में अत्यधिक ढीलापन सामने आया. सुरक्षा को देखते हुए आगे की सभी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं.

नई दिल्ली. महाराष्ट्र सरकार की माननीय मंत्री पंकजा मुंडे (Pankaja Munde) को ले जा रहा अगस्ता 109 हेलीकॉप्टर तकनीकी कारणों से एहतियातन ग्राउंड कर दिया गया है. यह हेलीकॉप्टर एम एस लेकवर्क ऑफिस क्लब प्राइवेट लिमिटेड का था और इसका पंजीकरण नंबर VT OSC है. यह घटना 2 फरवरी 2026 की है, जब हेलीकॉप्टर मंत्री पंकजा मुंडे और अन्य यात्रियों को लेकर उड़ान पर था. हेलीकॉप्टर ने कुल चार सेक्टर पूरे किए और शाम करीब 5 बजे औरंगाबाद एयरपोर्ट पर अपनी अंतिम लैंडिंग की.
उड़ान के बाद की नियमित तकनीकी जांच के दौरान एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियर यानी एएमई ने मुख्य रोटर ब्लेड के पिच ऑपरेटिंग लिंक रॉड में अत्यधिक ढीलापन पाया. यह हिस्सा हेलीकॉप्टर के उड़ान नियंत्रण सिस्टम का बेहद अहम भाग होता है.
सुरक्षा कारणों से उड़ानों पर रोक
तकनीकी खामी सामने आने के बाद एएमई ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए हेलीकॉप्टर को आगे की उड़ानों के लिए अनुमति नहीं दी. आवश्यक सुधार और मरम्मत पूरी होने तक हेलीकॉप्टर को ग्राउंड रखने का फैसला लिया गया.
चार्टर एजेंसी को दी गई जानकारी
ऑपरेटर के मुताबिक, चार्टर एजेंसी को इस तकनीकी समस्या की जानकारी रात करीब 8 बजे दी गई. इसके बाद अगले दिन की सभी निर्धारित उड़ानें भी रात करीब 9 बजे रद्द कर दी गईं. फिलहाल हेलीकॉप्टर की विस्तृत तकनीकी जांच और मरम्मत की प्रक्रिया जारी है.
क्या होता है यह तकनीकी मामला
अगस्ता 109 जैसे हल्के ट्विन इंजन हेलीकॉप्टर में मुख्य रोटर सिस्टम सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है. पिच ऑपरेटिंग लिंक रॉड रोटर ब्लेड के एंगल को कंट्रोल करता है, जिससे हेलीकॉप्टर ऊपर नीचे और आगे पीछे मूव करता है. इस रॉड में अगर अत्यधिक ढीलापन आ जाए, तो उड़ान के दौरान नियंत्रण प्रभावित हो सकता है, जो गंभीर सुरक्षा जोखिम बन सकता है.
एहतियातन ग्राउंडिंग क्यों जरूरी होती है
एविएशन नियमों के तहत अगर किसी भी उड़ान के बाद फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम में असामान्य ढीलापन या खराबी पाई जाती है, तो विमान या हेलीकॉप्टर को तुरंत ग्राउंड किया जाता है. इसका मकसद किसी संभावित हादसे को रोकना होता है. आवश्यक मरम्मत और दोबारा तकनीकी क्लियरेंस मिलने के बाद ही ऐसे हेलीकॉप्टर को उड़ान की अनुमति दी जाती है.
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जय ठाकुर 2018 से खबरों की दुनिया से जुड़े हुए हैं. 2022 से News18Hindi में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं और बिजनेस टीम का हिस्सा हैं. बिजनेस, विशेषकर शेयर बाजार से जुड़ी खबरों में रुचि है. इसके अलावा दे…और पढ़ें

